Saturday, April 16, 2016

एक फूल एक खुशी एक महक है तू


 एक फूल एक खुशी एक महक है तू
सबके जहां के आँगन की चहक है तू 
माना आज एक नया छोटा सितारा है तू
लेकिन कल की दुनियाँ का उजियारा है तू
बिखेरे चमन में जो खुशियाँ सुबह की
क्षितिज में उगते उस सूरज की धमक है तू

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